अपने बारे में लिखना हमारे ध्येय से परे है. हम अपने बारे में इतना ही बता सकते हैं कि भारत-दर्शन एक नन्ही सी हिन्दी साहित्यिक पत्रिका है और हिन्दी भाषा के प्रचार और प्रसार की इच्छुक है.
हमारा प्रयास है कि हम उच्च स्तरीय साहित्य व लेखन को बढावा दें व लुप्त होती हुई हिन्दी विधाओं को जीवित रख सकें.
भारत-दर्शन कर्म में विश्वास रखता है और फल की इच्छा किए बिना, अपने नन्हें कदमों से लम्बे रास्ते पर निरंतर आगे बढ रहा है. यदि हिन्दी भाषा के विकास में हम किंचित भी कुछ कर पाए तो अपने प्रयास को सफल समझेंगे.
आपके रचना सहयोग का स्वागत है. |